छत्तीसगढ़ महिला उद्यमियों को नई उड़ान: चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज महिला विंग की पहली जनरल बॉडी मीटिंग का भव्य आयोजन
रायपुर.
राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला विंग ने आज ‘स्टार्ट स्मार्ट, ग्रो फास्ट’ विषय पर अपनी पहली जनरल बॉडी मीटिंग का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना और उन्हें व्यवसाय की नई दिशा प्रदान करना रहा।
महिला चैंबर अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को पंख देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स महिला विंग की यह पहल उन महिलाओं तक भी पहुंचेगी जो अब तक घर तक ही सीमित रहकर कार्य कर रही थीं।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता मंजूषा परियल, मैनेजिंग डायरेक्टर – एएनएम स्ट्रैटेजिक एंड मैनेजमेंट कंसल्टेंट, ने महिला उद्यमियों को बिजनेस की बारीकियों और सफलता के गुर सिखाए। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “सपने देखने का साहस कीजिए और उन्हें साकार करने की हिम्मत जुटाइए, तभी सफलता संभव है।” वहीं दूसरी वक्ता ऋतु जैन, गोल्ड मेडलिस्ट व चार्टर्ड अकाउंटेंट, ने रिसॉर्स मैनेजमेंट और वित्तीय प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान श्री तिलोकचंद बड़रिया को “महिला चैंबर प्रभारी” के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित महिलाओं को मोटिवेशनल सत्रों के साथ मनोरंजक गेम्स भी कराए गए, जिनसे कार्यक्रम का उत्साह और बढ़ गया।
महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए महिला चैंबर द्वारा एक नई योजना भी घोषित की गई। इसके तहत अब हर महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को महिलाओं को फ्री ऑफ कॉस्ट स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका प्रमोशन स्वयं महिला विंग करेगी। यह पहल महिलाओं को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बाजार से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।
इस आयोजन में महिला चैंबर की पूरी टीम मौजूद रही, जिसमें महामंत्री मनीषा तारवानी, कोषाध्यक्ष नम्रता अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष मंजूषा पटले, विकासीय सलाहकार ऋतु जैन एवं मंजूषा परियल, वित्तीय सलाहकार सोमा घोष सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहीं।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता ने कहा कि – “यह मंच महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि समाज में उनकी अलग पहचान भी स्थापित करेगा। आने वाले समय में महिला उद्यमिता ही छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति की नई पहचान बनेगी।”
