सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं : शाह

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नक्सली हिंसा गरीबों और आदिवासियों के लिए बहुत बड़ी विभीषिका रही : शाह

रायपुर.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए। इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ माओवादियों के बनाए अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।
जवानों के त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, जब नक्सवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा। शाह ने नवा रायपुर में‘लियोर ओयना’ – नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। बैठक में मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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गृह मंत्री के साथ सीएम वाराणसी हुए रवाना

बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ वाराणसी के लिए रवाना हुए। जहां वे वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय विकास परिषद की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री करेंगे।

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