एक साल बाद भी व्यापम से नहीं लौटी परीक्षा फीस, अभ्यर्थियों का इंतजार जारी
रायपुर।
प्रदेश के हजारों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी पिछले एक साल से उस परीक्षा शुल्क की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, जिसे लौटाने का निर्णय राज्य सरकार पहले ही ले चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जहां छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने करीब चार माह पहले शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी, वहीं छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की ओर से अब तक इस संबंध में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले प्रदेश के स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क से राहत देने का फैसला किया था। इसके तहत परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित शर्तों के अनुसार फीस वापस की जानी है। इस निर्णय के बाद व्यापम ने विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन लगातार जारी रखा, लेकिन शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक, निर्णय लागू होने के बाद से व्यापम 30 से अधिक परीक्षाओं का आयोजन कर चुका है। इनमें विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ प्रवेश परीक्षाएं भी शामिल हैं। इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया और शुल्क जमा कराया, लेकिन अधिकांश उम्मीदवारों को अब तक राशि वापस नहीं मिली है।
दूसरी ओर, सीजीपीएससी ने अपने स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर फीस रिफंड की शुरुआत कर दी है। आयोग द्वारा पात्र अभ्यर्थियों के खातों में राशि लौटाई जा रही है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि जब एक भर्ती एजेंसी प्रक्रिया पूरी कर सकती है तो व्यापम में देरी क्यों हो रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा शुल्क की राशि भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन लगातार कई परीक्षाओं में आवेदन करने वाले युवाओं पर इसका आर्थिक बोझ पड़ता है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अभ्यर्थी लंबे समय से रिफंड की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यापम की ओर से अब तक फीस वापसी की प्रक्रिया, पात्रता, समय-सीमा या भुगतान व्यवस्था को लेकर कोई विस्तृत आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रतियोगी छात्रों और अभ्यर्थी संगठनों का कहना है कि सरकार के निर्णय का लाभ समय पर मिलना चाहिए। उनका आग्रह है कि व्यापम जल्द से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर लंबित फीस रिफंड की प्रक्रिया शुरू करे, ताकि हजारों युवाओं का एक साल पुराना इंतजार खत्म हो सके।
