छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर वन विभाग का बड़ा शिकंजा, दो बाघों की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

0
IMG-20260701-WA0161



संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता, दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में; वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज
रायपुर, 1 जुलाई।

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले के पश्चिम भानुप्रतापपुर स्थित बांदे परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने दो बाघों की खाल के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से संरक्षित वन्यजीव बाघ की खाल की अवैध तस्करी कर रहे थे।
वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी ब्येश्वर और बाबूराव के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव बाघ की दो खाल बरामद की गई हैं। गोपनीय सूचना के आधार पर वन विभाग ने सीमा क्षेत्र में घेराबंदी कर यह कार्रवाई की।
इस संयुक्त अभियान में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) के उत्तरी एवं मध्य क्षेत्र, छत्तीसगढ़ वन विभाग का राज्य उड़नदस्ता दल, एंटी पोचिंग यूनिट (USTR) तथा स्थानीय वन अमले की अहम भूमिका रही।
तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
वन विभाग का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे तस्करी गिरोह का खुलासा होगा।
वन्यजीव तस्करों पर सरकार की सख्ती
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाकर संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करना है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वन विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *