राजस्व विभाग के उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान, डिजिटल नवाचारों से रायपुर नगर निगम बनी देशभर में मिसाल
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सम्मान में भव्य “राजस्व सम्मान समारोह” का आयोजन किया। समारोह में सभापति सूर्यकांत राठौड़, राजस्व विभाग के भारसाधक अवतार सिंह बागल, आयुक्त संबित मिश्रा, अपर आयुक्त, उपायुक्त, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान कर पूरे विभाग को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में राजस्व विभाग की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें बताया गया कि रायपुर नगर निगम ने जीआईएस (GIS) आधारित ऑनलाइन संपत्तिकर प्रणाली लागू कर देश के अग्रणी नगरीय निकायों में अपनी अलग पहचान बनाई है। ड्रोन सर्वे के जरिए पूरे शहर का वैज्ञानिक मानचित्रण किया गया, प्रत्येक संपत्ति को यूनिक आईडी दी गई और करीब 2.80 लाख डिजिटल डोर नंबर लगाए गए।
प्रस्तुति में बताया गया कि क्यूआर कोड, यूपीआई, नेट बैंकिंग, आरटीजीएस, एनईएफटी, बीबीपीएस और ‘मोर रायपुर’ मोबाइल ऐप जैसी सुविधाओं से नागरिक अब 24 घंटे ऑनलाइन कर भुगतान कर रहे हैं। तकनीकी सुधारों के चलते संपत्तिकर निर्धारण की प्रक्रिया 48 घंटे से घटकर मात्र 2 मिनट और कर चक्र 60 दिनों से घटकर एक दिन रह गया है।
समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि किसी भी नगर निगम की वित्तीय मजबूती का आधार उसका सशक्त राजस्व तंत्र होता है। तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पूरे राजस्व विभाग की टीम भावना और सामूहिक प्रयासों को दिया।
इन जोनों को मिला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का सम्मान
सम्मान समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जोनों को भी पुरस्कृत किया गया।
प्रथम स्थान: जोन-5 (खीरसागर नायक एवं टीम)
द्वितीय स्थान: जोन-6 (हितेंद्र यादव एवं टीम)
तृतीय स्थान: जोन-1 (अंशुल शर्मा सीनियर एवं टीम)
इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ सहायक राजस्व अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक, बाजार टीम, आईटी टीम, जीआईएस टीम, बैंकिंग सहयोगी संस्थाओं सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
डिजिटल राजस्व प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता
कार्यक्रम में बताया गया कि विभाग ने अब तक 1.90 लाख पुराने अभिलेखों का डिजिटलीकरण, 2.90 लाख संपत्तियों का डोर-टू-डोर सर्वे, 54 लेयर वाला जीआईएस बेस मैप, ऑनलाइन नामांतरण, रियल टाइम टैक्स कैलकुलेशन, 24×7 हेल्पडेस्क और डिजिटल भुगतान जैसी कई आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की हैं। इन नवाचारों से संपत्ति कर प्रशासन अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी बना है तथा नगर निगम की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
समारोह के अंत में अपर आयुक्त ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, तकनीकी टीम, बैंकिंग सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की वर्षों की मेहनत, समर्पण और नवाचार का उत्सव है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ कार्य कर रायपुर नगर निगम को देश के सर्वश्रेष्ठ नगरीय निकायों में शामिल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
