अंबिकापुर में जनपद सीईओ के खिलाफ सरपंचों का मोर्चा, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
अंबिकापुर।
जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को हटाने की मांग को लेकर जिले भर के सरपंच एकजुट हो गए हैं। जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सरपंचों ने अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों के भीतर सीईओ को हटाने की मांग की। सरपंचों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।
सरपंच संघ का आरोप है कि जनपद पंचायत अंबिकापुर के सरईटिकरा ग्राम पंचायत के सरपंच को गबन के मामले में गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई जल्दबाजी और पक्षपातपूर्ण तरीके से की गई। यह मामला ग्राम पंचायत चीताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि के कथित गबन से जुड़ा है।
सरपंचों का कहना है कि इस मामले में जनपद सीईओ की भूमिका संदिग्ध रही है और उन्होंने बिना पर्याप्त तथ्यों के कार्रवाई की अनुशंसा की। इसी वजह से जिले भर के सरपंचों में नाराजगी है और वे इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
इस बीच, कलेक्टर अजीत वसंत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सरईटिकरा सरपंच के खिलाफ कथित अकारण कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के मामले में जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि सात दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो सरपंच संघ ने बड़े आंदोलन की चेतावनी देकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
