पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त का निधन, राज्यपाल डेका और सीएम साय ने किया शोक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

राज्यपाल डेका ने अपने शोक संदेश में कहा कि दत्त एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक सच्चे सैनिक और राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने सेना से लेकर प्रशासन तक की अपनी प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और देशप्रेम के साथ निभाया। छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके शोकसंतप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।

सीएम ने कहा, स्वर्गीय शेखर दत्त एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और देश सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व थे। अपने लम्बे प्रशासनिक अनुभव और अद्भुत कार्यकुशलता से उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट जनसेवा के आदर्श मूल्यों से परिपूर्ण था। उनके निधन से देश ने एक प्रबुद्ध और कर्मठ व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी भरपाई कठिन है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

पूर्व राज्य पाल दत्त ने सेना से की थी करियर की शुरुवात

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की थी। वे 1966 में सेना में शामिल हुए और 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने साहसपूर्वक हिस्सा लिया। इस युद्ध में बहादुरी और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए उन्हें वीरता के लिए दिया जाने वाला विशिष्ट सेवा पदक सेना मेडल प्रदान किया गया। सेना से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य तथा केंद्र सरकार में कई उच्च पदों पर कार्य किया।उल्लेखनीय है कि श्री शेखर दत्त 23 जनवरी 2010 से 1 जुलाई 2014 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, पशु संवर्धन, समाज कल्याण, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बच्चों और युवाओं के हित, अनुसूचित जाति-जनजातियों के कल्याण,उद्योग तथा कला, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।उन्होंने हमेशा वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित किया और प्राकृतिक संसाधनों पर शोध को बढ़ावा देने हेतु पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में केंद्र सरकार द्वारा ‘नेशनल सेंटर फॉर नेचुरल रिसोर्सेज’ की स्थापना में अहम योगदान दिया। रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में ‘शहीद वाटिका’ के निर्माण में भी उनकी प्रेरक भूमिका रही, जो देश के वीर जवानों की स्मृति को सदा जीवंत बनाए रखेगा।

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