तीजा-पोरा महोत्सव में उमड़ी महतारिन बहनों की भीड़

0
IMG-20250824-WA0252

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी में भव्य आयोजन, महिलाओं में दिखा उत्साह

रायपुर।

राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम आज छत्तीसगढ़ी संस्कृति और महिला शक्ति के उत्साह से गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेशभर से आई हज़ारों माताओं-बहनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

महोत्सव में पहुँचने वाली महिलाओं का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया। पूरे आयोजन स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी आभा से सजाया गया था, जहाँ मेंहदी, चूड़ी, आलता और सावन के झूले ने माताओं-बहनों का मन मोह लिया।–

-उपमुख्यमंत्री अरुण साव का संबोधन

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति के मान, सम्मान और गौरव का पर्व है। उन्होंने कहा—”मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि दी जा रही है, जिससे महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।”-

–मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की शुभकामनाएँ

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने तीजा को आनंद और आत्मीयता का पर्व बताते हुए सभी बहनों को शुभकामनाएँ दीं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का प्रतीक है।

पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित कर महिलाओं की शक्ति और भूमिका की सराहना की।

लोकसंस्कृति का संगमकार्यक्रम में पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को सम्मानित किया गया। उनकी प्रस्तुतियों ने सभागार को छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक से सराबोर कर दिया।

ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें तोड़ा, पैरी, झांझ, बिछिया, करधन, फुल्ली, रुपियामाला सहित पारंपरिक वाद्ययंत्र और कृषि उपकरण प्रदर्शित किए गए।–

-खेल और सांस्कृतिक रंग में डूबा माह

महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। खेलों में माताओं-बहनों ने पूरे उत्साह से भाग लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।-

–‘विष्णु भइया’ के नेवता का आभारसम्मेलन में शामिल माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ‘विष्णु भइया’ कहते हुए नेवता देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ त्योहार की खुशियाँ दोगुनी करते हैं, बल्कि समाज में आपसी मेलजोल और भाईचारे को भी मजबूत बनाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *