दिव्यांगों के जीवन में नई उम्मीद: नारायण सेवा संस्थान का नि:शुल्क लिंब फ़िटमेंट शिविर, 382 दिव्यांग अपने पैरों पर खड़े

0
IMG-20250824-WA0210

रायपुर।

मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब वह दूसरों के जीवन में प्रकाश और आशा भर सके। इसी संकल्प को जीवंत करते हुए नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर ने रायपुर के विशाल नगर स्थित शगुन फार्म में निःशुल्क नारायण लिंब एवं कैलिपर्स फ़िटमेंट शिविर का आयोजन किया। यह शिविर केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सैकड़ों दिव्यांगजनों की ज़िंदगी में नई रौशनी और आत्मविश्वास भरने का महोत्सव बन गया।

शिविर में 382 से अधिक दिव्यांगजन कृत्रिम अंग पाकर फिर से अपने पैरों पर खड़े हुए। किसी के लिए यह फिर से चलने का अवसर बना तो किसी के लिए जीवन की नई शुरुआत। जिन चेहरों पर अब तक निराशा की छाया थी, वहाँ आज आत्मविश्वास और मुस्कान की चमक दिखी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा – “नर सेवा ही नारायण सेवा”कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा –”नारायण सेवा संस्थान अपने नाम को पूरी तरह सार्थक कर रहा है। जब किसी परिवार का एक सदस्य असहाय होता है, तो पूरा परिवार पीड़ा झेलता है, और जब वही सदस्य फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है, तो पूरा परिवार जी उठता है। आज इन 400 जीवनों में नई उमंग और उत्साह लौट आया है, यह दृश्य हृदयस्पर्शी है।”

“धरती पर देवता उतर आए हैं” – अमरजीत सिंह छाबड़ा

विशिष्ट अतिथि, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा –”यह सेवा अद्भुत है। धरती पर देवता उतर आए हैं, जो किसी को नया हाथ, नया पैर दे रहे हैं। जो हाथ कभी लिख नहीं पाते थे, वे अब लिख सकेंगे और जो पैर चलना भूल चुके थे, वे अब फिर से डग भरेंगे।”

चयन शिविर से लेकर फिटमेंट तक

संस्थान के संरक्षक महेश अग्रवाल ने बताया कि अप्रैल माह में हुए चयन शिविर में 500 से अधिक दिव्यांगजन आए थे, जिनमें से 382 को आज कृत्रिम अंग लगाकर नया जीवन दिया गया।

उन्होंने कहा कि 45 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जर्मन टेक्नोलॉजी से तैयार नारायण लिंब का फ़िटमेंट किया और डॉक्टरों ने उपयोग एवं देखरेख का प्रशिक्षण भी दिया।समारोह में लाभान्वित दिव्यांगजनों की परेड ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और सभी की आंखें नम हो गईं।

संस्थान का गौरवशाली सफर1985 में स्थापित नारायण सेवा संस्थान अब तक 40 हज़ार से अधिक कृत्रिम अंग निःशुल्क प्रदान कर चुका है।

संस्थापक कैलाश मानव को ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को 2023 में ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ मिला। संस्थान मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *