चल अचल संपत्ति की जानकारी देने में इंजिनियरों की लापरवाही
गोपनीय प्रतिवेदन देने में निकायों के इंजीनियरों की लापरवाही
- एक दर्जन से अधिक इंजिनियरों ने 2018 से अब तक नहीं दी है अपनी चल अचल संपति की जानकारी।
- नगरीय प्रशासन विभाग ने एक सप्ताह में जानकारी देने जारी किया है नोटिस।
रायपुर.
राज्य शासन द्वारा मांगे जाने वाले गोपनीय प्रतिवेदन को देने में निकायों के इंजीनियरों की लापरवाही सामने आई है। निकायों के करीब 17 इंजीनियरों ने वर्ष 2018 से वार्षिक प्रतिवेदन नगरीय प्रशासन विभाग को नहीं भिजवाया है। इन इंजीनियरों को अब नगरीय प्रशासन विभाग ने नोटिस जारी कर गोपनीय प्रतिवेदन सभी वर्षों का एक साथ भेजने को कहा है। साथ ही निकायों के प्रमुखों को भी इस संबंध में संबंधित इंजीनियरों से तत्काल गोपनीय प्रतिवेदन लेकर विभाग को भेजने को कहा गया है।
चल-अचल संपत्ति का विवरण भी नहीं दिया
विभगा ने जिन 17 इंजीनियरों की सूची नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी है, उन लोगों ने गोपनीय प्रतिवेदन के साथ-साथ अपने चल-अचल संपत्ति का विवरण भी नहीं दिया है। किसी ने 2019 से तो किसी ने 2022 से नहीं दिया है।
कुछ इस साल हो जाएंगे सेवानिवृत्त
जिन इंजीनियरों के नाम सूची में शामिल हैं, उनमें से कुछ रिटायरमेंट के करीब है। एकाध तो इस वर्ष नवंबर में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में यदि गोपनीय प्रतिवेदन और चल-अचल संपत्ति की जानकारी विभाग को समय पर नहीं दी गई, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पेंशन सहित अन्य सुविधाएं रुक भी सकती है।
हर साल देनी होती चल-अचल संपत्ति की जानकारी
बता दें कि राज्य शासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का गोपनीय प्रतिवेदन शासन को देना होता है। जिसमें चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी शामिल होती है। इसमें बताना होता है कि एक साल में चल-अचल संपत्ति बढ़ोत्तरी हुई है या कटौती।
