डीएमएफ घोटाला : 25 करोड़ के कथित फर्जी ट्रांसफर की जांच के निर्देश,तत्कालीन कलेक्टर के खिलाफ जांच

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नई दिल्ली/रायपुर।

कोरबा जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से जुड़े कथित 25 करोड़ रुपये के फर्जी हस्तांतरण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। भारत सरकार के खान मंत्रालय ने इस मामले में प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खान मंत्रालय, नई दिल्ली से 2 दिसंबर 2025 को जारी पत्र के अनुसार, यह मामला वर्ष 2018 का बताया गया है। आरोप है कि उस समय कोरबा जिले के तत्कालीन कलेक्टर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए डीएमएफटी के बैंक खाते से 25 करोड़ रुपये की राशि का फर्जी तरीके से हस्तांतरण कराया गया। यह राशि भारतीय स्टेट बैंक, आईटीआई कॉलोनी, रायपुर स्थित डीएमएफटी खाते से 18 सितंबर 2018 को केंद्रीय पेट्रोसाइंस अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीपेट) के खाते में स्थानांतरित की गई।
मामले में यह भी अहम तथ्य सामने आया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सीपेट द्वारा 20 नवंबर 2024 को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया गया कि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 की अवधि के दौरान डीएमएफटी कोरबा से सीपेट को किसी भी प्रकार की राशि प्राप्त नहीं हुई। इस जवाब के बाद 25 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर को लेकर संदेह और गहरा गया है तथा इसे फर्जी खाते में राशि स्थानांतरण का मामला बताया जा रहा है।
खान मंत्रालय को यह प्रतिवेदन रायपुर स्थित एक अधिकारी द्वारा 9 दिसंबर 2025 को भेजा गया था, जिसमें पूरे प्रकरण को गंभीर वित्तीय अनियमितता करार देते हुए जांच की मांग की गई थी। अब मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह डीएमएफटी जैसे जनकल्याणकारी फंड के दुरुपयोग का बड़ा मामला माना जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें राज्य शासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई

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