आषाढ़ की पहली झड़ी में डूबा रायपुर, रातभर बरसी बारिश ने खोल दी नगर निगम की तैयारियों की पोल

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कई इलाकों में घरों में घुसा पानी, लोग पूरी रात पानी निकालते रहे


रायपुर।

राजधानी रायपुर में आषाढ़ की पहली जोरदार झड़ी ने नगर निगम की मानसून तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शनिवार शाम करीब चार बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश देर रात तक लगातार होती रही। झमाझम बारिश का सिलसिला रविवार तड़के करीब चार बजे तक जारी रहा, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई।
मठपुरैना सहित अनेक वार्डों में नालियां उफान मारने लगीं और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। कई कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच गया। हालात ऐसे रहे कि बड़ी संख्या में लोगों को पूरी रात जागकर घरों से पानी बाहर निकालना पड़ा। इस मानसून में पहली बार आषाढ़ की ऐसी लगातार झड़ी देखने को मिली।
बारिश के बाद सामने आए हालात ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और जल निकासी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निगम हर महीने सफाई पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर का पानी-पानी हो जाना इन दावों पर सवाल खड़े करता है।
नगर निगम के अधिकांश वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस पहले ही सामान्य सभा में सफाई व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और घोटाले का मुद्दा उठा चुकी है। विपक्ष का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। दूसरी ओर, निगम द्वारा यूजर चार्ज बढ़ाने के बाद भी लोगों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत नहीं मिल रही है।
शहरवासियों का कहना है कि यदि प्री-मानसून नालों की सफाई प्रभावी ढंग से हुई होती, तो पहली ही आषाढ़ की झड़ी में राजधानी की ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिलती। पूरी रात हुई बारिश ने साफ कर दिया कि मानसून से निपटने के निगम के दावे जमीनी हकीकत पर खरे नहीं उतर रहे हैं।

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