सीजी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सीटेट और सीजीटेट के अलग-अलग कट-ऑफ को दी वैधता, याचिका खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) और छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीजीटेट) के उत्तीर्ण अंकों में अंतर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग कट-ऑफ निर्धारित करना एक नीतिगत निर्णय है और यह संविधान के अनुरूप “उचित वर्गीकरण” (Reasonable Classification) के सिद्धांत पर आधारित है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया और पात्रता संबंधी मानदंड तय करने का अधिकार है। यदि सरकार ने स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीटेट और सीजीटेट के लिए अलग-अलग उत्तीर्ण अंक निर्धारित किए हैं, तो इसे मनमाना या भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दोनों परीक्षाएं शिक्षक पात्रता से संबंधित हैं, इसलिए उनके लिए समान कट-ऑफ होना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि दोनों परीक्षाओं की प्रकृति, उद्देश्य और संचालन व्यवस्था अलग-अलग है। ऐसे में अलग पात्रता मानदंड तय करना पूरी तरह वैध और न्यायसंगत है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से राज्य में चल रही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को कानूनी मजबूती मिली है। साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार के नीतिगत निर्णयों में न्यायालय तभी हस्तक्षेप करेगा, जब वे स्पष्ट रूप से मनमाने, भेदभावपूर्ण या संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत हों।
