बिग ब्रेकिंग : गंज मंडी के 26 एकड़ में कमर्शियल प्रोजेक्ट फिर चर्चा में,व्यापारियों का विरोध शुरू

0
nigam

निगम प्रशासन ने फिर से व्यापारियों से मांगें दस्तावेज,आज आखिरी तारीख।

रायपुर.

राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित गंज मंडी में कमर्शियल प्रोजेक्ट फिर चर्चा में आ गया है। दरअसल, निगम प्रशासन ने गंज मंडी की जमीन पर व्यापार करने वाले व्यापारियों से दुकान और जमीन के दस्तावेज मांगे गए हैं। इसे लेकर व्यापारियों के कुछ धड़ों में विरोध होने लगा है। आश्चर्य बात यह है कि जो धड़ा विरोध कर रहे हैं, वे भाजापा समर्थित हैं। और नगर निगम में महापौर भाजपा की है। ऐसे में विरोध करना कितना रंग लाएगा ये तो भविष्य के गर्भ में छिपा है। कुछ व्यापारियों ने तो दस्तावेज देने से भी मना कर दिया है।

महापौर और आयुक्त ने किया निरीक्षण

निगम सूत्रों के अनुसार पिछले नगर निगम की महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने गंज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान पुरानी फाइल खोलकर गंज मंडी के लिए तैयार किए गए प्रोजेक्ट पर फिर से अध्ययन करने के लिए निगम इंजीनियरों को कहा गया। इसके बाद निगम प्रशासन ने पिछले 15 साल में कांग्रेसी महापौर के कार्यकाल में बनाए गए प्रोजेक्ट को फिर से खंगालना शुरू कर दिया है। क्योंकि 15 साल में पुराने इंजीनियर या तो सेवा निवृत्त हो गए है या फिर दूसरी जगहों पर ट्रांसफर हो गए हैं। ऐसे में नए इंजिनयर अब नए सिरे से इस प्रोजेक्ट का अध्ययन कर प्रोजेक्ट तैयार करेगा। इसी के लिए ही अब व्यापारियों से जमीन संबंधी दस्तावेज मंगाए गए हैं। इस मामले में निगम इंजीनियरों का कहना है कि फिलहाल गंज मंडी की फाइल को खंगाला जा रहा है। आगे क्या प्रोजेक्ट होगा इस पर फिलहाल अभी कोई निर्णय लिया गया है। हां इतना जरूर किया गया है कि वहां के व्यापारियों से जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए है।

केंद्र से मिलने वाली है राशि

निगम सूत्र बताते हैं कि गंज मंडी पर कमर्शियलकाम्प्लेक्स बनाने के लिए निगम को केंद्र से राशि मिलने वाली है। इसी वजह से नए सिरे से गंज मंडी में कमर्शियल हब बनाने का प्रोजेक्ट तैयार करने का प्लान बनाया है।

पहले भी स्मार्ट सिटी कंपनी बना चुका है प्लान

बता दें कि स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा पहले भी गंज मंडी में कमर्शियल हब बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इसका भूमिपूजन भी तत्कालीन महापौर प्रमोद दुबे ने किया था। इसके बाद महापौर एजाज ढेबर ने भी यहां कमर्शियल हब बनाने का नए सिरे से प्रोजेक्ट तैयार कराया था, लेकिन दोनों की महापौर के कार्यकाल में प्रोजेक्ट न तो धरातल पर उतरा और न फाइलें आगे बढ़ पाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *