नगर निगम में यूनिपोल घोटाला : अब ईओडब्ल्यू ने संलिप्त अधिकारियों के नाम मांगे
27 करोड़ का था घोटाला।
रायपुर.
नगर निगम रायपुर में हुए यूनिपोल घोटाले की जांच का मामला ईओडब्ल्यू में पहुंच चुका है। ईओडब्ल्यू ने नगर निगम के अधिकारियों के नाम मांगे है। नगर निगम सूत्रों के अनुसार साथ ही नगर निगम द्वारा इस संबंध में क्या-क्या कार्रवाई की गई है इस बारे में भी दस्तावेज जमा करने को कहा गया है।
बता दें कि नगर निगम रायुपर में यूनिपोल घोटाले में संबंधित एजेंसी के खिलाफ निगम ने संपत्ति राजसात करने की भी कार्रवाई की है। लेकिन जितना घोटाले की रकम की रिकवरी की राशि अभी तक निगम को नहीं मिल पाई है। नाम न छापने की शर्त पर निगम के एक इंजीनियर ने बताया कि एजेंसी के विज्ञापन की राशि संवाद से भुगतान होना बाकी है। उस राशि को एजेंसी को न देकर निगम को भुगतान करने के लिए बहुत पहले पत्र लिखा जा चुका है,लेकिन अभी संवाद की तरफ से अभी तक काेई जवाब नहीं आया है। इसलिए निगम को रिकवरी की राशि नहीं मिल पाई है।
एजेंसी के संचालक के घर की कुर्की की तैयारी
सूत्रों के अनुसार नगर निगम प्रशासन ने संबंधित एजेंसी के संचालक के घर की कुर्की करने की तैयारी की जा रही है। एक-दो दिन में कुर्की आदेश भी जारी होने वाला है। इसके बाद निगम प्रशासन अपनी बची राशि रिकवरी करेगा।
छह करोड़ रुपए निकली थी रिकवरी
बताया जाता है कि यूनिपोल घोटाले में एजेंसी के सामान को राजसात करने के बाद भी एजेंसी पर निगम ने 6 करोेड़ रुपए की रिकवरी निकाली थी। एजेंसी ने चेक भी निगम को दिया था, लेकिन करीब 60 हजार रुपए ही मिल पाया है। बाकी राशि अभी तक नहीं मिली है।
ये था निगम में यूनिपोल घोटाला
नगर निगम के अफसरों ने एड एजेंसियों से पैसे लेकर जहां मन में आया वहां पोल लगवाकर होर्डिंग लगवा दी। इतना ही नहीं, रायपुर के माता सुंदरी स्कूल के सामने चौराहे पर एक ठेकेदार को काम देकर वहां अपनी मर्जी से चौराहा बनवा दिया। अधिकारियों ने होर्डिंग के टेंडर का काम दे दिया। मनमानी ढंग से रेट दिए गए। इसकी जानकारी न पार्षद को है, न कलेक्टर को न विधायक को न ही खुद निगम के महापौर को थी। करीब 27 करोड़ रुपए का यूनिपोल घोटाला हुआ था।
